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इश्क़, प्रेम… प्यार, कैसे व्यक्त करूँ इस भाव को ?

इश्क़—यह शब्द अपने भीतर एक ऐसा मधुर संगीत समेटे हुए है, जिसकी प्रतिध्वनि मनुष्य के अस्तित्व के सबसे गहरे कक्षों तक सुनाई देती है। यह केवल आकर्षण नहीं, केवल चाहत…

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झूठ बातों को बना के सनसनी आराम से

उँगली दिखा के एक, बताता जो ग़ल्तियाँ, उसकी तरफ भी तीन हुआ करतीं उँगलियाँ। गोली विटामिनों की उन्हें दे रहे हैं वो, जिनको न मिल सकीं हैं कभी ढंग से…

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बच्चे गए जो भूल ये, बचपन की मस्तियाँ।

उँगली दिखा के एक, बताता जो ग़ल्तियाँ, उसकी तरफ भी तीन हुआ करतीं उँगलियाँ। गोली विटामिनों की उन्हें दे रहे हैं वो, जिनको न मिल सकीं हैं कभी ढंग से…

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