Skip to content

‘कॉकरोच डिजिटल आन्दोलन’ की दिशा, दशा और संभावनाएं

भारतीय लोकतंत्र इस समय एक ऐसे संक्रमणकाल से गुजर रहा है, जहाँ राजनीति केवल विचारधाराओं, दलों और चुनावी सभाओं तक सीमित नहीं रह गई है। डिजिटल माध्यमों ने राजनीतिक अभिव्यक्ति…

Continue Reading
VK-Shekhar

इतिहास से अधिक महत्वपूर्ण हैं  वर्तमान और  भविष्य

मनुष्य स्वयं को एक जागरूक, विवेकशील और वास्तविकता को समझने वाला प्राणी मानता है। उसे विश्वास होता है कि जो कुछ उसकी आँखें देखती हैं, कान सुनते हैं, त्वचा स्पर्श…

Continue Reading

कबीर, लोई और लोई का प्रेमी

लोई एक सुंदर, सरल और संवेदनशील युवती थी। उसके गाँव में एक युवक रहता था, जो उसके गुणों और सौंदर्य से प्रभावित था। दोनों के बीच आत्मीयता विकसित हुई। उस…

Continue Reading

साहित्य के रोचक प्रसंग

तुलसीदास और रहीम : लोककथा, इतिहास और भारतीय सांस्कृतिक समन्वय का अमर संवाद भारतीय साहित्य का वैभव केवल उसकी महान काव्य-कृतियों में ही नहीं, बल्कि उन मानवीय संबंधों में भी…

Continue Reading

अनिश्चितताओं के महासागर में मनुष्य की नाव

सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड असंख्य कणों, ऊर्जाओं, शक्तियों, जीवों, विचारों और घटनाओं का एक ऐसा गतिशील तंत्र है जिसमें कुछ भी पूर्णतः पृथक् या स्वतंत्र नहीं है। प्रत्येक कण किसी न किसी…

Continue Reading

ग़ज़ल

वीरेन्द्र कुमार शेखर आबरू शायरी की रखा कीजिए, दिल से दिल की ग़ज़ल ही कहा कीजिए। है तमन्ना अगर अब अमन-चैन की, ख़ुद से ख़ुद तो न अक्सर लड़ा कीजिये।…

Continue Reading

ग़ज़ल

वीरेन्द्र कुमार शेखर वक़्त मुझसे दोस्ती ही दोस्ती करता रहा, और उसके साथ मैं बस दिल्लगी करता रहा | मानकर उसको मसीहा, पूजते मक़्तूल थे, जिब्ह करते बात कुछ जो…

Continue Reading
Back To Top